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सफदरजंग अस्पताल में ही होगा सोनम वांगचुक का इलाज, पत्नी से मिलने की अनुमति, दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट

 Reported By: Atul Bhatia Written By: Niraj Kumar
 Published : Jul 19, 2026 04:31 pm IST,  Updated : Jul 19, 2026 05:08 pm IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल मेदांता शिफ्ट करने की मांग पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।

Sonam wangchuk- India TV Hindi
सोनम वांगचुक Image Source : PTI

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता  सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से प्राइवेट हास्पिटल मेदांता में शिफ्ट करने की मांग फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने मंजूर करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक का इलाज फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में ही जारी रहेगा। वहीं सोनम वांगचुक के परिजनों को उनसे मिलने की इजाजत दी गई है। कोर्ट ने उनके परिजनों के लिए सफदरजंग अस्पताल में अलग रेस्ट रूम देने का निर्देश दिया है। वहीं कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।

गीतांजलि एंग्मो को नहीं मिली अंतरिम राहत

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सोनम वांगचुक के हेल्थ कंडीशन को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला पूरी तरह कानून के दायरे में लिया गया था। कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित करने से भी मना कर दिया। वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि एंग्मो की ओर से प्राइवेट अस्पताल मेदांता में शिफ्ट करने की मांग पर भी फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल सोनम वांगचुक का इलाज सफदरजंग अस्पताल में ही जारी रहेगा।

हर जीवन अनमोल है-हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हर जीवन अनमोल है और मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) और डॉक्टरों की उस दलील का भी संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया कि सोनम वांगचुक की पत्नी और उनके भाई को 24 घंटे उनके साथ रहने की अनुमति दी गई है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से साफ है कि वांगचुक के परिवार को अस्पताल में अलग कमरा भी दिया गया है, जिससे वे उनके साथ समय बिता पा रहे हैं।  इसके अलावा अदालत ने निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक की पत्नी और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को अस्पताल में अलग रेस्ट रूम की सुविधा दी जाए तथा उन्हें वांगचुक से मिलने का पूरा एक्सेस सुनिश्चित किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों की स्टेटस रिपोर्ट आने के बाद 24 जुलाई को होगी। 

प्राइवेट अस्पताल में इलाज की मांगी थी इजाजत

सोनम की पत्नी कहना था कि उनका सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं रह गया है और वह वांगचुक की तबीयत और बिगड़ने से पहले उन्हें अपनी पसंद के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराना चाहती हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने उन्हें 'केवल चुनिंदा जानकारी ही उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि वांगचुक को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण उनके स्वास्थ्य का स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं हो पा रहा है। अपने पति के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई थी और कहा था कि जब वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाया गया था, तब उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर थे। इसके बावजूद उनके इलाज की प्रक्रिया गुप्त और पूरी तरह अपारदर्शी तरीके से अपनाई गई, जिससे वह व्यथित हैं।

शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया

वांगचुक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस बीच शनिवार को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस उन्हें जबरन जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई और एडमिट करा दिया। वांगचुक को जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराने का जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया।

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